A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेमध्यप्रदेशसतना

भारतीय सेना से सेवानिवृत होकर गृह नगर लौटे जवानों का हुआ स्वागत

IMG 20260202 141448

IMG 20260202 141431

IMG 20260202 WA0006सतना : भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होकर गृह नगर लौटे तीन जांबाज़ सैनिकों का सतना रेलवे स्टेशन पर भव्य, भावनात्मक एवं ऐतिहासिक स्वागत किया गया। इस अनूठे आयोजन ने न केवल स्टेशन परिसर को देशभक्ति से सराबोर कर दिया, बल्कि वहां उपस्थित यात्रियों को भी भावविभोर कर दिया।
चंद्रशेखर आज़ाद पूर्व सैनिक संगठन, सतना के प्रवक्ता श्री आर. सी. विश्वकर्मा ने बताया कि 31 जनवरी 2026 (अपराह्न) को सेवा निवृत्त हुए
हवलदार धीरेंद्र सिंह परिहार (24 वर्ष सेवा, 91 मीडियम रेजीमेंट),
नायक रामभान सिंह (22 वर्ष सेवा) एवं
नायब सूबेदार नाकुल प्रसाद चौधरी (26 वर्ष सेवा, आर्मर्ड रेजीमेंट)
के सतना आगमन पर उनके सम्मान में यह विशेष स्वागत समारोह आयोजित किया गया।
रेलवे स्टेशन पर सैनिकों के स्वागत के लिए उनके परिवारजन—माता-पिता, भाई-बहन, भाभियां, पत्नी, बच्चे, रिश्तेदारों के साथ-साथ संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य फूल-मालाएं, चंदन-तिलक, अक्षत, कलश, विभिन्न उपहार, बैंड-बाजा और खुली जीप के साथ पहले से मौजूद रहे। जैसे ही तीनों वीर सैनिक स्टेशन पर पहुंचे, ढोल-नगाड़ों की गूंज, देशभक्ति गीतों और नृत्य के साथ उनकी आरती उतारकर भव्य स्वागत किया गया।
इस गरिमामयी अवसर पर
संरक्षक श्री सुरेश प्रताप सिंह (जाखी),
अध्यक्ष श्री सुनील सिंह परिहार,
उपाध्यक्ष श्री मनोज कुमार मिश्रा,
कोषाध्यक्ष श्री पवन कुमार सिंह,
सह-कोषाध्यक्ष श्री लोकेन्द्र सिंह,
प्रवक्ता श्री आर. सी. विश्वकर्मा,
श्री कमलेश सिंह (SBI) – अनुशासन समिति (नव नियुक्त),
श्री पी. डी. सिंह परिहार – अनुशासन समिति (नव नियुक्त),
श्री सुरेन्द्र सिंह – संगठन मंत्री (नव नियुक्त),
श्री पुष्पराज सिंह – अध्यक्ष, नागौद इकाई,
अनिल द्विवेदी, भोले सिंह (ट्योंधरि), सुरेन्द्र सिंह (सुहास), शिवम तिवारी
सहित 50 से अधिक सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे।
खुले जीप जुलूस, बैंड-बाजे और पारंपरिक स्वागत की यह झलक इतनी भव्य और अनोखी थी कि स्टेशन पर मौजूद यात्री भी आश्चर्यचकित रह गए और सैनिकों के सम्मान में तालियां बजाकर इस दृश्य की सराहना करते नजर आए।
यह आयोजन न केवल सैनिकों के त्याग, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गया कि देश के लिए जीवन समर्पित करने वाले वीर कभी सेवानिवृत्त नहीं होते—वे हमेशा राष्ट्र की शान रहते हैं।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!